मंगलवार, 7 अप्रैल 2020

मरकुस - दिन 11

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पड़ने का भागमरकुस 6: 32 - 56 

समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. इन दो घटनाओं से यीशु के बारे में क्या पता चलता है ? क्या कोई साधारण मनुष्य ये सब कर सकता है ? तो फिर यीशु कौन है ?
2. लोग बहुत मुश्किल होने के बावजूद बहुत दूर चल कर गए ताकि वे यीशु से सिख सके। क्या मैं यीशु से सिखने के लिए उतना ही उत्सुक हूँ ?
3. दिन भर सीखाने के बाद यीशु बहुत थक गए हुए होंगे। पर फिर भी वे अकेले प्रार्थना करने को गए। क्या मैं भी प्रार्थना करने के लिए समय निकलता हूँ ?
4. जब शिष्यों ने यीशु को जितना उनके पास था उतना दिया , तब यीशु ने उसके द्वारा बहुतों को आशीषित किया। शायद मुझे लगता है कि मेरे पास तो उतना कुछ है नहीं और मैं सोचता हूँ इससे क्या होने वाला है , पर क्या मैं उसे यीशु को देने को तैयार हूँ ? वह उसके द्वारा लोगों को आशीषित करेगा।

और गहरी सोच  के लिए:
1. ५२वे वचन में लिखा है कि चेले समझ नहीं पाए थे। क्या मैं भी वैसे कभी हो जाता हूँ कि यीशु के चमत्कार को देखने के बावजूद उसको शक करने लगता हूँ कभी कभी ?

सोमवार, 6 अप्रैल 2020

मरकुस - दिन 10

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पड़ने का भागमरकुस 6: 1 - 31 

समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. शिष्यों के प्रचार में और यूहन्ना के प्रचार में एक समानता है। वह समानता को ढूंढिए।
2. यीशु ने जब शिष्यों को दो दो में भेजा तो उन्हें कुछ निर्देश दिया कि खाना नहीं लें और न कोई धन। अगर पैसा होता तो अपने पैसे पर भरोसा करते मगर अब उनका एकमात्र भरोसा कौन है ? क्या मुझे यीशु पर उतना विश्वास है कि मैं यीशु के बातों को इतना मन सकूँ ?
3. हेरोदेस यूहन्ना से क्यों डरता था ? यूहन्ना के बारे में उसका क्या विचार था ? दुश्मन तो दूर कि बात है, क्या कम से कम मेरा दोस्त मेरे बारे में वैसा बोलेगा ?
4. यूहन्ना के जीवन में सही बात को बोलने का क्या परिणाम था ? यूहन्ना बहुत दिन जेल में होने के बावजूद सच बोलना बंद नहीं किया। क्या मुझे सही बात बोलने का हिम्मत है ?
5. जब शिष्य वापस आये तो यीशु ने उनको क्या कहा ? इससे यीशु के बारे में क्या पता चलता है ?

और गहरी सोच  के लिए:
1. यीशु के नगर के लोगों ने यीशु को बहुत देखा होगा। शायद इसलिए वे उस पर ज्यादा विश्वास नहीं किये। जो आश्चर्य दूसरे जगहों में था यीशु के प्रति वो नहीं था यहाँ। क्या मैं यीशु के बारे में इतना अधिक सुना हूँ कि मेरा उसके प्रति विश्वास कम हो गया ?
2. हेरोदेस ने कई बार वचन को सुना मगर उसने पश्चाताप नहीं किया। यूहन्ना और शिष्यों दोनों का सन्देश वही था। क्या मैं भी हेरोदेस के समान अक्सर वचन को सुनता हूँ मगर अपने जीवन में उसे लागु नहीं करता हूँ ?

रविवार, 5 अप्रैल 2020

मरकुस - दिन 9

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पड़ने का भागमरकुस 5: 21 - 43 

कठिन शब्दों :
1. यहूदी आराधनालय का अधिकारी: यह एक आम आदमी (अर्थात वह जो पंडित समान नहीं) था जिसको आराधनालय का देख रेख तथा उसे सँभालने कि ज़िम्मेदारी थी।

समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. इस भाग में दो जन यीशु के पास आते हैं।  यह दो कौन है और उनकी स्तिथि क्या है ?
2. उस स्त्री के विचार से आप उसके बारे में क्या समझते हैं ? उस स्त्री के पास जितना निश्चयता था यीशु के ऊपर क्या उतना निश्चयता मुझे है ?
3. ३६वी वचन में यीशु क्या कहते हैं ? अगर एक व्यक्ति विश्वास करे तो वह क्या नहीं करेगा ?
4. इन दो घटनाओं से आप यीशु के बारे में क्या सीखते हैं ? आपके समझ के अनुसार यीशु कौन है ?

और गहरी सोच  के लिए:
1. जब दोनों याईर और वह बीमार स्त्री यीशु के पास आये तो उनकी मन दशा कैसी थी या दूसरे शब्दों में वे यीशु के पास कैसी रवैया में आये ? मैं जब यीशु के पास जाता हूँ, तो कैसे जाता हूँ ?
2. क्या दोनों के पास कोई और उपाय था ? जब हम समझेंगे कि यीशु के आलावा हमारे पास कोई और उपाय नहीं है तब हम भी उनकी तरह नम्रता सहित यीशु के पास जायेंगे।
3. क्या आपको कभी लगता है कि बड़ी भीड़ में आपको कोई नहीं देखेगा ? जब भीड़ बहुत बड़ा था, तब क्या यीशु ने एक व्यक्ति को नहीं खोजा। इसे जानकर आपको कैसा लगता है ? यीशु के बारे में आपकी समझ कैसे बदला है ?

शनिवार, 4 अप्रैल 2020

मरकुस - दिन 8

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पड़ने का भागमरकुस 5:1 - 20 

कठिन शब्दों :
1. दिकपुलिस: इस शब्द का अर्थ है 'दस शहरों।'झील के उस पर यह देश शहरों एक अलग देश के समान रहते थे। 

समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. जिस व्यक्ति के अंदर दुष्टात्मा थी, उसकी क्या स्तिथि थी ? वह कहाँ रहता था, और कैसे रहता था ?
2. उस दुष्टात्मा भरी व्यक्ति को छूटकरा किसके द्वारा मिला ? मुझे छुटकारा के लिए किसके पास जाना है ?
3. उस दुष्टात्मा भरी व्यक्ति को यीशु के साथ मुलाकात करने के बाद उसका जीवन कैसा बदल गया ? क्या मेरे जीवन में यीशु से मिलने के बाद कोई बदलाव आया है ?
4. क्या उस व्यक्ति के समान मैं भी लोगों को बताता हूँ कि यीशु ने मेरे जीवन में कैसे महान काम किये हैं ?
और गहरी सोच  के लिए:
1. दुष्टात्मा भरी व्यक्ति और गाओं के लोगों ने यीशु को अलग निवेदन किया यीशु के चमत्कार होने के बाद। मेरी निवेदन यीशु के प्रति किसके समान है ?
2. कल के भाग में यीशु के चेले उसके बारे में सवाल उठाते हैं कि यह कौन है। यहाँ पर दुष्टात्मा को पता है यीशु कौन है। जब दुष्टात्मा तक जनता है यीशु कौन है, क्या मैं उसे स्वीकार करता हूँ ?

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2020

मरकुस - दिन 8

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पड़ने का भागमरकुस 4:35 - 41 

समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. झील के दूसरे पर जाना किसका विचार था ?
2. जब तूफान / बवंडर हुआ और यीशु सो रहा था तो शिष्यों को कैसा लगा होगा ?
3. शिष्यों के आखरी सवाल पर आपका क्या विचार है ? आखिर यह यीशु है कौन ? आपका जवाब क्या है ?
4. मेरे जीवन में जब तूफान या बवंडर आती है तो मुझे क्या करना होगा ?
और गहरी सोच  के लिए:
1. यीशु से मिलने से पहले इन चेलों का काम क्या था ? उस काम को जानते हुए, क्या समझ में कोई बढ़ोतरी है ?
2. जब हवा और पानी तक की यीशु की आज्ञा को मानते हैं तो मुझे और कितना ही ज्यादा उसकी आज्ञा को मानना है ?
3. ४०वी वचन के अनुसार अगर विश्वास होगा तो क्या नहीं होगा ?

गुरुवार, 2 अप्रैल 2020

मरकुस - दिन 7

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पड़ने का भागमरकुस 4:21 - 34 

समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. दिया को कहाँ रखा जाता है और उसका ऊद्देश्य क्या है ? कल के भाग में हमने देखा कि दृष्टान्त के बारे में यीशु ने कहा कि लोग देखें और देखते ही रहें, पर उन्हें कुछ सूझे नहीं। इन दोनों विचारों को आप कैसे समझते हैं ? आप जो वचन से सीखे हैं उसे अगर दिया समझेंगे तो उस ज्ञान से आप क्या करते हैं ? क्या आप उसे छिपाते हो या ऊपर रखते हो ?
2. किसान अपना मेहनत तो करता है मगर क्या वह किसान अनाज को उपजता है या क्या परमेश्वर की आज्ञा से धरती अपने आप उपजता है ? क्या मुझे अपने मेहनत पे करना है या परमेश्वर पर ?
3. अगर किसी चीज़ कि शुरुआत छोटी हो, तो क्या उसका मतलब है कि वो छोटा ही रहेगा ? परमेश्वर का राज्य का शुरुआत कितने लोगों से हुआ (दो दिन पहले हमने इसे देखा)

और गहरी सोच  के लिए:
1. जब दिया अपने काम को करता है, तो क्या होता है ? (२२वी वचन को देखिये)
2. बीज के दृष्टान्त में धरती अपने आप बीज को उपजता है। क्या इसका अर्थ है कि किसान को मेहनत करने कि कोई जरुरत नहीं ? अगर परमेश्वर का राज्य वैसे भी फैलेगा क्या इसका अर्थ है कि मुझे अपना काम नहीं करना है ?
3. जब राइ का पेड़ बड़ा होता है, तो किसको उसका फायदा होता है ? यीशु यहाँ परमेश्वर के राज्य को इससे तुलना कर रहे हैं। अगर मेरे जीवन में परमेश्वर का राज्य बढ़ता है तो क्या औरों को मुझसे फायदा मिलता है ?

बुधवार, 1 अप्रैल 2020

मरकुस - दिन 6

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पड़ने का भागमरकुस 4:1 - 20 

समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. कितने प्रकार के मिट्टी में बीज गिरते हैं ?
2. बीज क्या को दर्शाता है और मिट्टी क्या को दर्शाता है ?
3. मैं किस प्रकार का मिट्टी हूँ ?

और गहरी सोच  के लिए:
1. पुरे भीड़ को यीशु ने दृष्टांत का अर्थ नहीं समझाया। लेकिन कुछ  लोगों को उसने समझाया। इन लोगों को जिनको यीशु ने अर्थ बताया उन्होंने क्या अलग किया औरों से ? उनके हरकतों से उनके बारे में क्या पता चलता है ?
2. सत्य का अर्थ किसके पास है ? क्या मनुष्य अपने आप अर्थ समझ लेता है ? वचन को पूरी तरह से समझने के लिए मुझे क्या करना होगा ?

मरकुस - दिन 28

कैसे पढ़ें? निर्देशों के लिए यहाँ क्लिक करें। पड़ने का भाग :  मरकुस 13 : 1 - 13   कठिन शब्दों : 1.  ढहा दिया जायेगा  : 40 सालों के बाद ईस...