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पड़ने का भाग: मरकुस 5:1 - 20
कठिन शब्दों :
1. दिकपुलिस: इस शब्द का अर्थ है 'दस शहरों।'झील के उस पर यह देश शहरों एक अलग देश के समान रहते थे।
समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. जिस व्यक्ति के अंदर दुष्टात्मा थी, उसकी क्या स्तिथि थी ? वह कहाँ रहता था, और कैसे रहता था ?
2. उस दुष्टात्मा भरी व्यक्ति को छूटकरा किसके द्वारा मिला ? मुझे छुटकारा के लिए किसके पास जाना है ?
3. उस दुष्टात्मा भरी व्यक्ति को यीशु के साथ मुलाकात करने के बाद उसका जीवन कैसा बदल गया ? क्या मेरे जीवन में यीशु से मिलने के बाद कोई बदलाव आया है ?
4. क्या उस व्यक्ति के समान मैं भी लोगों को बताता हूँ कि यीशु ने मेरे जीवन में कैसे महान काम किये हैं ?
और गहरी सोच के लिए:
1. दुष्टात्मा भरी व्यक्ति और गाओं के लोगों ने यीशु को अलग निवेदन किया यीशु के चमत्कार होने के बाद। मेरी निवेदन यीशु के प्रति किसके समान है ?
2. कल के भाग में यीशु के चेले उसके बारे में सवाल उठाते हैं कि यह कौन है। यहाँ पर दुष्टात्मा को पता है यीशु कौन है। जब दुष्टात्मा तक जनता है यीशु कौन है, क्या मैं उसे स्वीकार करता हूँ ?
पड़ने का भाग: मरकुस 5:1 - 20
कठिन शब्दों :
1. दिकपुलिस: इस शब्द का अर्थ है 'दस शहरों।'झील के उस पर यह देश शहरों एक अलग देश के समान रहते थे।
समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. जिस व्यक्ति के अंदर दुष्टात्मा थी, उसकी क्या स्तिथि थी ? वह कहाँ रहता था, और कैसे रहता था ?
2. उस दुष्टात्मा भरी व्यक्ति को छूटकरा किसके द्वारा मिला ? मुझे छुटकारा के लिए किसके पास जाना है ?
3. उस दुष्टात्मा भरी व्यक्ति को यीशु के साथ मुलाकात करने के बाद उसका जीवन कैसा बदल गया ? क्या मेरे जीवन में यीशु से मिलने के बाद कोई बदलाव आया है ?
4. क्या उस व्यक्ति के समान मैं भी लोगों को बताता हूँ कि यीशु ने मेरे जीवन में कैसे महान काम किये हैं ?
और गहरी सोच के लिए:
1. दुष्टात्मा भरी व्यक्ति और गाओं के लोगों ने यीशु को अलग निवेदन किया यीशु के चमत्कार होने के बाद। मेरी निवेदन यीशु के प्रति किसके समान है ?
2. कल के भाग में यीशु के चेले उसके बारे में सवाल उठाते हैं कि यह कौन है। यहाँ पर दुष्टात्मा को पता है यीशु कौन है। जब दुष्टात्मा तक जनता है यीशु कौन है, क्या मैं उसे स्वीकार करता हूँ ?
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