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पड़ने का भाग: मरकुस 10: 17 - 31
समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. एक धनवान व्यक्ति का भरोसा किस पर रहता है ? क्या खुद के धन पे या परमेश्वर पे ? इन सवालों के सन्दर्भ में विचार कीजिये यीशु ने क्यों कहा होगा की एक धनवान व्यक्ति को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना बहुत कठिन है ?
2. क्या मैं उस धनवान व्यक्ति के समान अपने आप को अच्छा समझता हूँ ?
3. इस भाग से परमेश्वर के राज्य का प्रवेश करने के विषय में आप क्या समझते हैं ? क्या खुद के मेहनत से परमेश्वर के राज्य को प्रवेश किया जा सकता है जैसे उस धनवान व्यक्ति ने प्रयास किया ? यह बात किसके द्वारा संभव है ?
4. क्या मुझे यीशु के पीछे होने के लिए कुछ खोना पढ़ रहा है, हो सकता है धन या परिवार के साथ अच्छा रिश्ता (क्योंकि वे विरोध करते हैं) या दोस्तों की दोस्ती (क्योंकि मैं अब उनके साथ बुरी चीज़ें नहीं करना चाहता) ? यीशु ने मेरे लिए 30वि आयत में क्या वायदा दिया ?
और गहरी सोच के लिए:
1. ३०वी आयत में यीशु वायदा देते हैं कि जो कोई यीशु के लिए कुछ त्यागता है उसके लिए बहुत अच्छी चीज़ें मिलेंगी। परन्तु वे सब यातना के साथ मिलेंगी। क्या मैं इन यातनाओं को सहने को तैयार हूँ ?
2. यह परिवार जो यीशु कहते हैं हमें मिलेगा अगर हमें यीशु के लिए परिवार त्यागना है , वो परिवार कहाँ मिलेगा ? क्या हो सकता है कि यीशु चर्च (कलीसिया) कि बात कर रहे हैं ? क्या मैं संगति में जाता हूँ ?
पड़ने का भाग: मरकुस 10: 17 - 31
समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. एक धनवान व्यक्ति का भरोसा किस पर रहता है ? क्या खुद के धन पे या परमेश्वर पे ? इन सवालों के सन्दर्भ में विचार कीजिये यीशु ने क्यों कहा होगा की एक धनवान व्यक्ति को परमेश्वर के राज्य में प्रवेश करना बहुत कठिन है ?
2. क्या मैं उस धनवान व्यक्ति के समान अपने आप को अच्छा समझता हूँ ?
3. इस भाग से परमेश्वर के राज्य का प्रवेश करने के विषय में आप क्या समझते हैं ? क्या खुद के मेहनत से परमेश्वर के राज्य को प्रवेश किया जा सकता है जैसे उस धनवान व्यक्ति ने प्रयास किया ? यह बात किसके द्वारा संभव है ?
4. क्या मुझे यीशु के पीछे होने के लिए कुछ खोना पढ़ रहा है, हो सकता है धन या परिवार के साथ अच्छा रिश्ता (क्योंकि वे विरोध करते हैं) या दोस्तों की दोस्ती (क्योंकि मैं अब उनके साथ बुरी चीज़ें नहीं करना चाहता) ? यीशु ने मेरे लिए 30वि आयत में क्या वायदा दिया ?
और गहरी सोच के लिए:
1. ३०वी आयत में यीशु वायदा देते हैं कि जो कोई यीशु के लिए कुछ त्यागता है उसके लिए बहुत अच्छी चीज़ें मिलेंगी। परन्तु वे सब यातना के साथ मिलेंगी। क्या मैं इन यातनाओं को सहने को तैयार हूँ ?
2. यह परिवार जो यीशु कहते हैं हमें मिलेगा अगर हमें यीशु के लिए परिवार त्यागना है , वो परिवार कहाँ मिलेगा ? क्या हो सकता है कि यीशु चर्च (कलीसिया) कि बात कर रहे हैं ? क्या मैं संगति में जाता हूँ ?
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