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पड़ने का भाग: मरकुस 5: 21 - 43
कठिन शब्दों :
1. यहूदी आराधनालय का अधिकारी: यह एक आम आदमी (अर्थात वह जो पंडित समान नहीं) था जिसको आराधनालय का देख रेख तथा उसे सँभालने कि ज़िम्मेदारी थी।
समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. इस भाग में दो जन यीशु के पास आते हैं। यह दो कौन है और उनकी स्तिथि क्या है ?
2. उस स्त्री के विचार से आप उसके बारे में क्या समझते हैं ? उस स्त्री के पास जितना निश्चयता था यीशु के ऊपर क्या उतना निश्चयता मुझे है ?
3. ३६वी वचन में यीशु क्या कहते हैं ? अगर एक व्यक्ति विश्वास करे तो वह क्या नहीं करेगा ?
4. इन दो घटनाओं से आप यीशु के बारे में क्या सीखते हैं ? आपके समझ के अनुसार यीशु कौन है ?
और गहरी सोच के लिए:
1. जब दोनों याईर और वह बीमार स्त्री यीशु के पास आये तो उनकी मन दशा कैसी थी या दूसरे शब्दों में वे यीशु के पास कैसी रवैया में आये ? मैं जब यीशु के पास जाता हूँ, तो कैसे जाता हूँ ?
2. क्या दोनों के पास कोई और उपाय था ? जब हम समझेंगे कि यीशु के आलावा हमारे पास कोई और उपाय नहीं है तब हम भी उनकी तरह नम्रता सहित यीशु के पास जायेंगे।
3. क्या आपको कभी लगता है कि बड़ी भीड़ में आपको कोई नहीं देखेगा ? जब भीड़ बहुत बड़ा था, तब क्या यीशु ने एक व्यक्ति को नहीं खोजा। इसे जानकर आपको कैसा लगता है ? यीशु के बारे में आपकी समझ कैसे बदला है ?
पड़ने का भाग: मरकुस 5: 21 - 43
कठिन शब्दों :
1. यहूदी आराधनालय का अधिकारी: यह एक आम आदमी (अर्थात वह जो पंडित समान नहीं) था जिसको आराधनालय का देख रेख तथा उसे सँभालने कि ज़िम्मेदारी थी।
समझने और विचार करने के लिए प्रश्न:
1. इस भाग में दो जन यीशु के पास आते हैं। यह दो कौन है और उनकी स्तिथि क्या है ?
2. उस स्त्री के विचार से आप उसके बारे में क्या समझते हैं ? उस स्त्री के पास जितना निश्चयता था यीशु के ऊपर क्या उतना निश्चयता मुझे है ?
3. ३६वी वचन में यीशु क्या कहते हैं ? अगर एक व्यक्ति विश्वास करे तो वह क्या नहीं करेगा ?
4. इन दो घटनाओं से आप यीशु के बारे में क्या सीखते हैं ? आपके समझ के अनुसार यीशु कौन है ?
और गहरी सोच के लिए:
1. जब दोनों याईर और वह बीमार स्त्री यीशु के पास आये तो उनकी मन दशा कैसी थी या दूसरे शब्दों में वे यीशु के पास कैसी रवैया में आये ? मैं जब यीशु के पास जाता हूँ, तो कैसे जाता हूँ ?
2. क्या दोनों के पास कोई और उपाय था ? जब हम समझेंगे कि यीशु के आलावा हमारे पास कोई और उपाय नहीं है तब हम भी उनकी तरह नम्रता सहित यीशु के पास जायेंगे।
3. क्या आपको कभी लगता है कि बड़ी भीड़ में आपको कोई नहीं देखेगा ? जब भीड़ बहुत बड़ा था, तब क्या यीशु ने एक व्यक्ति को नहीं खोजा। इसे जानकर आपको कैसा लगता है ? यीशु के बारे में आपकी समझ कैसे बदला है ?
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